LIVE UPDATE

लाल आतंक का अंत, गोगुंडा में पहली बार पहुचीं बिजली

बल्ब की रोशनी से जगमगाया गॉव, 78 साल बाद पहाड़ियों पर पहुंची बिजली; सन्नाटे की जगह अब गूंज रही बच्चों की पढ़ाई

रायपुर 23 फरवरी 2026/ सुकमा की दुर्गम वादियों में करीब 650 मीटर की ऊंचाई पर बसा गोगुंडा गांव सोमवार को विकास के नए अध्याय का साक्षी बना। आजादी के 78 वर्षों बाद इस पहाड़ी गांव में पहली बार बिजली का बल्ब जला। मुख्यमंत्री  श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संभव हुई यह पहल केवल विद्युतीकरण नहीं, बल्कि चार दशकों से पसरे लाल आतंक के अंधेरे पर निर्णायक प्रहार के रूप में देखी जा रही है।
कल तक सूरज ढलते ही यह गांव घने जंगलों और नक्सली खौफ के सन्नाटे में डूब जाता था। ढिबरी और टॉर्च की टिमटिमाती रोशनी में जीवन गुजारने वाले ग्रामीण अब अपने घरों में जगमगाते बल्ब देख भावुक हैं। बच्चों की पढ़ाई अब अंधेरे की मोहताज नहीं, और महिलाओं के चेहरे पर सुरक्षा व आत्मविश्वास की नई चमक साफ दिखाई दे रही है।



जीते जी गांव में बिजली देख ली
गांव के बुजुर्ग माड़वी सुक्का ने नम आंखों से कहा, “कभी सोचा नहीं था कि अपने जीते जी गांव में बिजली देख पाएंगे। अब लगता है कि हमारा गांव भी देश के नक्शे पर है।” यह एक वाक्य गोगुंडा की दशकों की प्रतीक्षा और पीड़ा का सार बयान करता है।

सुरक्षा की ढाल, विकास की राह
यह परिवर्तन अचानक नहीं आया। सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के समन्वित प्रयासों ने यहां हालात बदले। 74वीं बटालियन के कमांडेंट हिमांशु पांडे के अनुसार, नक्सली प्रभाव के कारण यह गांव वर्षों तक विकास से वंचित रहा। संयुक्त अभियान के बाद स्थापित कैंप ने नक्सलियों के ‘सुरक्षित ठिकाने’ को ध्वस्त किया और विकास कार्यों का मार्ग प्रशस्त किया।
जहां पहले पांच घंटे पैदल पहाड़ चढ़कर पहुंचना पड़ता था, वहां अब विकास की गाड़ियां पहुंच रही हैं। कैंप स्थापित होते ही कलेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में स्कूल, आंगनबाड़ी और राशन दुकान जैसी बुनियादी सुविधाएं युद्ध स्तर पर शुरू की गईं।

ये खबर भी पढ़ें…
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनप्रतिनिधियों को लिखी चिट्ठी; “शाला प्रवेश उत्सव” को जनआंदोलन बनाने की अपील, हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने का आह्वान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनप्रतिनिधियों को लिखी चिट्ठी; “शाला प्रवेश उत्सव” को जनआंदोलन बनाने की अपील, हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने का आह्वान
June 15, 2026
रायपुर 15 जून 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर 16 जून से 27...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.



अंतिम छोर तक पहुंचेगी रोशनी
कलेक्टर ने कहा कि गोगुंडा में बिजली पहुंचना सामाजिक और आर्थिक बदलाव की शुरुआत है। हमारा लक्ष्य जिले के अंतिम छोर तक बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा पहुंचाना है। सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। गोगुंडा अब सुरक्षित है और यहां जल्द ही पुल-पुलियों का जाल बिछेगा।

बस्तर की बदलती तस्वीर
गोगुंडा की यह रोशनी बस्तर के बदलते स्वरूप का प्रतीक बन गई है। यह उस जज्बे की कहानी है, जिसने पहाड़ों का सीना चीरकर बिजली के खंभे गाड़े और उस भरोसे की, जो दशकों बाद लोकतंत्र के प्रति फिर मजबूत हुआ।
अब गोगुंडा में अंधेरा अतीत बन चुका है। पहाड़ियों पर जला यह बल्ब केवल रोशनी नहीं, बल्कि उम्मीद, विश्वास और नए भविष्य की चमक का प्रतीक है।

ये खबर भी पढ़ें…
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विद्यार्थियों को संदेश: मन लगाकर पढ़ें, शिक्षा ही सफलता और उज्ज्वल भविष्य की कुंजी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विद्यार्थियों को संदेश: मन लगाकर पढ़ें, शिक्षा ही सफलता और उज्ज्वल भविष्य की कुंजी
June 15, 2026
रायपुर 15 जून 2026/मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

cgnews24 Team

CG CGNews24 एडिटोरियल टीम डेस्क रिपोर्टिंग • ब्रेकिंग न्यूज़ • खेल एवं राजनीति CGNews24 Team अनुभवी पत्रकारों, उत्साही लेखकों और खेल विशेषज्ञों का एक समर्पित समूह है। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ के स्थानीय मुद्दों से लेकर देश-दुनिया की प्रमुख घटनाओं और खेल जगत (विशेषकर क्रिकेट और प्रमुख टूर्नामेंट्स) की सबसे तेज़, सटीक और निष्पक्ष कवरेज आप तक पहुँचाना है। हम 24x7 काम करते हैं ताकि कोई भी अहम खबर आपसे छूट न जाए। हमसे जुड़ें: संपर्क करें (Email) | हमारी संपादकीय नीति पढ़ें

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *